1 a. उपभोक्ता: कुछ ज्वेलर्स के सोने का रेट सर्राफा टाइम्स के सोने के रेट से कम है।
उत्तर: कुछ ज्वेलर्स का इरादा आप उपभोक्ता से पाँच से सात प्रतिशत अधिक लेबर चार्ज लेने का रहता है, आपका ध्यान इस तथ्य से भटकाने हेतु वह सोने का रेट दो-तीन प्रतिशत कम बताते हैं।
1 b. उपभोक्ता: कुछ ज्वेलर्स कागजी अखबार में छपे सोने के रेट पर आभूषण क्रय करने की सलाह देते हैं ।
उत्तर: जमाना तात्कालिक समाचार एवं तात्कालिक सोने के रेट का है। अखबार एक दिन पुराने सोने का रेट छापता है, वह भी गोलमटोल शब्दों में सिर्फ सोना बिक्री लिख कर, न सोने का कैरेट बताता है न सोने का एक्स्चेंज रेट बताता है। कैरेट का वर्णन नहीं होने के कारण उपभोक्ता द्वारा गलत रेट में सोना क्रय कर लेने की संभावना बनी रहती है। सराफा टाइम्स प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे एवं संध्या 05:00 बजे सोने का तात्कालिक रेट प्रसारित करता है वह भी कैरेट के वर्णन के साथ।
1 c. उपभोक्ता: गूगल द्वारा बताए गए स्वर्ण आभूषण का रेट सर्राफा टाइम्स द्वारा प्रकाशित स्वर्ण आभूषण के रेट से कम है।
उत्तर: मेट्रो शहर स्थित स्वर्ण आयातक सोने का आयात करते हैं, तत्पश्चात बीमाकृत ट्रांसपोर्ट द्वारा इस सोने को तमाम छोटे बड़े शहरों में ट्रांसपोर्ट करते हैं। आभूषण बनाते वक्त सोने को काटा, पीटा, गलाया, तेजाब में डुबोया जाता है, इस प्रक्रिया में कुछ सोना नुकसान होता है जिसे प्रॉसेस लॉस कहा जाता है। सराफा टाइम्स इस बीमाकृत ट्रांसपोर्ट खर्च तथा प्रोसेस लास का खर्च सोने के रेट में जोड़ कर बताता है, गूगल को इसका ज्ञान नहीं है।
2. उपभोक्ता: गणित के अनुसार 22K आभूषण के सोने का दर 24K शुद्ध सोने के रेट का 92% होना चाहिए, सर्राफा टाइम्स द्वारा प्रकाशित सोने के रेट ज्यादा हैं।
उत्तर:स्वर्ण आभूषण बनाते वक्त सोने को काटा पीटा गलाया एवं तेजाब स्नान कराया जाता है। इस प्रक्रिया में कुछ सोना नुकसान होता है जिसे प्रॉसेस लॉस कहा जाता है, सर्राफा टाइम्स इस प्रॉसेस लॉस को स्वर्ण आभूषण के रेट में जोड़ कर रेट बताता है।
4. उपभोक्ता: कुछ ज्वेलर्स सस्ता लेबर चार्ज का आफ़र देते हैं।
उत्तर: सस्ता लेबर चार्ज कुंदन पोलकी एवं जड़ाऊ आभूषण पर लागू होता है। कुंदन पोलकी एवं जड़ाऊ में पच्चीस प्रतिशत तक स्टोन, लाख तथा होता है।
5. उपभोक्ता: क्या ऑल गोल्ड स्वर्ण आभूषण पर सस्ता लेबर चार्ज का आफ़र देना संभव है ?
उत्तर: साधारण डिजाइन या हेवीवेट डिजाइन पर सस्ता लेबर का आफ़र देना संभव है। आभूषण का डिजाइन साधारण है या आभूषण हेवीवेट है तो सस्ता लेबर किस काम का ? 10 ग्राम में बनने वाला आभूषण अगर 15 ग्राम में बना है तो सस्ता लेबर चार्ज के बावजूद ऐसा आभूषण उपभोक्ता के लिए घाटे का सौदा है।
6. उपभोक्ता: कुछ ज्वेलर्स आभूषण के लेबर चार्ज पर 20% डिस्काउंट दे रहे हैं।
उत्तर: उपभोक्ता चेक करें कहीं यह ज्वेलर्स 25% लेबर जोड़ कर उस पर 20% डिस्काउंट तो नहीं दे रहे।
7. उपभोक्ता: कुछ ज्वेलर्स हीरे के आभूषण के कुल मूल्य पर 20% डिस्काउंट दे रहा है।
उत्तर: उपभोक्ता चेक करें कहीं यह ज्वेलर्स हीरे के आभूषण पर 20% डिस्काउंट देने के पूर्व उससे कहीं ज्यादा मूल्य ब्रांडेड ज्वेलर्स हीरे के दर में तो नहीं जोड़ रहे ?
8. उपभोक्ता: कुछ ज्वेलर्स 18 कैरेट सोने का दर कम बता रहे हैं।
उत्तर: उपभोक्ता चेक करें यह ज्वेलर्स 18 कैरेट के आभूषण बेच भी रहें हैं या नहीं, क्या सिर्फ आपका ध्यान भटकाने हेतु 18 कैरेट का रेट कम बता रहे हैं। ऐसे ज्वेलर्स आधिकांश 18 कैरेट में सिर्फ हीरे के आभूषण बेचते हैं।
9. उपभोक्ता: टेलीविजन पर दिखाया गया एमसीएक्स सोने का रेट सराफा टाइम्स के सोने के रेट से कम है।
उत्तर: एमसीएक्स इलेक्ट्रॉनिक सोने का दर है। सराफा टाइम्स भौतिक सोने का दर बताते है, भौतिक दर हमेशा इलेक्ट्रॉनिक दर से अधिक होता है।
10. उपभोक्ता: ब्रांडेड ज्वेलर्स एवं पारिवारिक ज्वेलर्स में कौन सस्ता आभूषण बेचते हैं ?
उत्तर: ब्रांडेड ज्वेलर्स के ढेरों खर्चे हैं। कंपनी का मोटा हिस्सा, आभूषण बनाने वाले कारीगर का हिस्सा को, विज्ञापन एजेंसी तथा विज्ञापन करने वाले नामचीन अभिनेता अभिनेत्री का हिस्सा, आलीशान शोरूम का खर्चा, सूट-टाई वाले स्टाफ की फौज का खर्चा। वहीं पारिवारिक ज्वेलर्स को अपने साधारण शोरूम में सिर्फ दो लोगों को मुनाफा देना रहता है खुद को एवं आभूषण बनाने वाले कारीगर को। पारिवारिक ज्वेलर्स उपभोक्ता को दस से पंद्रह प्रतिशत लेबर चार्ज पर आभूषण मुहैया करवा देते हैं वहीं पच्चीस से तीस प्रतिशत लेबर चार्ज लेना ब्रांडेड ज्वेलर्स की मजबूरी है।
11. उपभोक्ता: मैं कैसे सुनिश्चित करूं कि ब्रांडेड ज्वेलर्स एवं पारिवारिक ज्वेलर्स में कौन सस्ता सोना बेच रहा है।
उत्तर: पाँच ग्राम अथवा दस ग्राम के 24 कैरेट के सोने के सिक्के के कीमत की तुलना करें। ब्रांडेड ज्वेलर्स द्वारा लिए जा रहे मुनाफा को देख आप चकरा जाएंगे।
12. उपभोक्ता: मैं कैसे सुनिश्चित करूँ की ब्रांडेड एवं पारिवारिक ज्वेलर्स में कौन सस्ता हीरा बेच रहा है ?
उत्तर: पच्चीस सेंट, पचास सेन्ट अथवा एक कैरेट के सोलीटेयर हीरे के मूल्य की तुलना करें । ब्रांडेड ज्वेलर्स एवं पारिवारिक ज्वेलर्स द्वारा बताए गए मूल्य का फर्क देख आप दंग रह जाएंगे।
13. उपभोक्ता: मेरा बजट कम है मुझे वजन में हल्के एवं सस्ते लेबर चार्ज वाले हालमार्क आभूषण चाहिए, मैं किसके पास जाऊँ ब्रांडेड ज्वेलर्स या पारिवारिक ज्वेलर्स ?
उत्तर: ब्रांडेड ज्वेलर्स हेवीवेट आभूषण बेचते हैं हल्के आभूषण बेचने में उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं। वजन में हल्के एवं सस्ते लेबर चार्ज वाले हालमार्क आभूषण की आपकी तलाश एक पारिवारिक ज्वेलर्स पर ही समाप्त होगी।
14. उपभोक्ता: क्या ब्रांडेड ज्वेलर्स हमारे पारिवारिक ज्वेलर्स से बेहतर गुणवत्ता के आभूषण बेचते हैं ?
उत्तर: गलत धारणा !! 16 जून 2021 के बाद भारत में सभी ज्वेलर्स को सिर्फ हॉलमार्क आभूषण बेचने हैं। ब्रांडेड ज्वेलर्स एवं पारिवारिक ज्वेलर्स दोनों के हालमार्क आभूषण की गुणवत्ता एक समान है।
15. उपभोक्ता: ब्रांडेड ज्वेलर्स स्वर्ण आभूषण का विशाल भंडार प्रदर्शित करते हैं, वहीं पारिवारिक ज्वेलर्स कम स्टॉक दिखते हैं।
उत्तर:पारिवारिक ज्वेलर्स छोटा स्टॉक दिखते हैं एवज में कम लेबर चार्ज लेते हैं। ब्रांडेड ज्वेलर्स स्वर्ण आभूषण का विशाल भंडार प्रदर्शित करते हैं एवज में पारिवारिक ज्वेलर्स के मुकाबले ढाई गुना अधिक लेबर चार्ज लेते हैं मर्जी आपकी ।
16. उपभोक्ता:ब्रांडेड ज्वेलर्स के विज्ञापन की आकर्षक अभिनेत्री हम उपभोक्ता को ब्रांडेड स्वर्ण आभूषण खरीदने को प्रेरित कर रही है।
उत्तर:आप उपभोक्ता हैं आपका लक्ष हालमार्क स्वर्ण आभूषण को सस्ते लेबर चार्ज पर हासिल करना होना चाहिए है। एक अभिनेत्री की तस्वीर पर मोहित हो कर ब्रांडेड को ढाई गुना अधिक मजदूरी देना बुद्धिमत्ता नहीं।
17. उपभोक्ता: ज्वेलर्स को आभूषण/ सोने के बिस्किट में सोने के दर के अलावा और कौन से शुल्क लगाने की आजादी है ?
उत्तर: ज्वेलर्स को सोने के दर के अलावा मजदूरी, हॉलमार्किंग, कार्ड स्वाइपिंग, जीएसटी एवं कुछ अन्य मिसलेनिअस शुल्क लगाने की आजादी है।
18. उपभोक्ता: मुझे स्वर्ण आभूषण क्रय करना है मैं अपने शहर के सोने के दैनिक दर की जानकारी कैसे करूँ?
उत्तर:अपने शहर के सराफा टाइम्स के दैनिक संस्करण को देखें।
19. उपभोक्ता: मुझे दिखाई गई सराफा टाइम्स की प्रिंटेड कॉपी असली है मैं इसकी पुष्टि कैसे करूँ?
उत्तर: अपने मोबाईल पर www.sarafatimes.com वेबसाईट पर जाएँ तथा खुद पुष्टि करें।
21. उपभोक्ता: कौन ज्वेलर्स सराफा टाइम्स सोने के दर का अनुपालन करते हैं ?
उत्तर: सराफा टाइम्स के प्रमोटर ज्वेलर्स, सराफा टाइम्स द्वारा जारी सोने के दर का अनुपालन करते हैं।
22. उपभोक्ता: कुछ ज्वेलर्स खुद को होलसेलर बता कर टंच छूट के साथ आभूषण बेचने की पेशकश कर रहे हैं।
उत्तर: ऐसे तथाकथित ज्वेलर्स जाली हालमार्क वाले आभूषण बेचते हैं। उपभोक्ता को 100% आभूषण एक्सचेंज की सुविधा, जीसटी बिल तथा आफ्टर सेल मरम्मत की सुविधा बिल्कुल नहीं देते